जब ब्लॉग शुरू करने की ठानी, तो सोचा कि ऐसा क्या है जो इस समय मैं अपने लिए सबसे ज्यादा चाहती हूँ.. ज्यादा सोचना नहीं पड़ा- फुर्सत के कुछ पल | इन पलों में मैं या तो कुछ सोचती रहती हूँ या फिर कुछ लिखती रहती हूँ.. उन्हीं चीज़ों को ब्लॉग में उतार रही हूँ | यहाँ अपनी ख़ुशी, उदासियाँ, कल्पनाएँ तथा और भी बहुत कुछ साझा करने की कोशिश कर रही हूँ |
Search This Blog
Showing posts with label ख्वाब. Show all posts
Showing posts with label ख्वाब. Show all posts
Monday, March 14, 2011
Monday, October 18, 2010
फ़रियाद
.jpg)
गहराती शाम के मंज़र में
कोई सुनहरी याद दे दो
ज़िन्दगी है बेरहम, तुम
एक हसीं मुलाक़ात दे दो|
कल के किस्सों-कहानियों में
ज़िक्र हो न शायद हमारा
भीड़ भरे इस शहर में
गुमनाम-सी एक रात दे दो|
तन्हाई से आजिज़ हूँ मैं
सन्नाटा है डरा रहा
ज़िन्दगी लंबा सफ़र है
कुछ कदम तक साथ दे दो|
किस तरफ जाना है अब
सूझता नहीं मुझे
मोड़ पर आकर रुकी हूँ
एक बार बस आवाज़ दे दो|
खूबसूरत-सी कुछ यादें हैं
संजोई हुई, आँखों में
बीते कल का तुमको वास्ता
मुझको मेरा आज दे दो|
ज़िन्दगी का एक हिस्सा
सुकून से है गुज़ारा
बाकी के लिए हो जो काफी
बस, कोई ऐसी बात दे दो|
आने वाले कल का कैसा
अनजाना-सा खौफ है
मूँद रखा है जिन्हें, उन
आँखों में एक ख्वाब दे दो|
फरियादों की इस कड़ी की
एक आखिरी अर्ज़ सुन लो
जो साझा हुए हमारे बीच
दिल के वो जज़्बात दे दो|
गर मांग लिया है हमने ज़्यादा
तो भी बिलकुल ग़म न करना
जो हो सके बस उतना ही, पर
कुछ की तो सौगात दे दो!
Subscribe to:
Posts (Atom)
